कार्यकत्रियों का मानदेय 12 हजार और सहायिकाओं का 6 हजार रुपये प्रतिमाह हुआ, सितंबर से लागू होगी बढ़ी हुई राशिलखनऊ, 8 सितंबर। प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्र…
कार्यकत्रियों का मानदेय 12 हजार और सहायिकाओं का 6 हजार रुपये प्रतिमाह हुआ, सितंबर से लागू होगी बढ़ी हुई राशिलखनऊ, 8 सितंबर। प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उनके मानदेय में वृद्धि की है। शासन के निर्णय के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के राज्यांश में 4,000 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के राज्यांश में 2,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है।
इस वृद्धि के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कुल 12 हजार रुपये और सहायिकाओं को 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से बाल विकास, पोषण तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यकत्रियों के मानदेय में 4 हजार रुपये की वृद्धिशासनादेश के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के राज्यांश में 1,500 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय तथा 2,500 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय की वृद्धि की गई है। इस तरह उनके राज्यांश में कुल 4,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं के राज्यांश में 750 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय और 1,250 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय बढ़ाया गया है।
इससे सहायिकाओं के राज्यांश में कुल 2,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि होगी। अब कार्यकत्रियों को मिलेंगे 12 हजार, सहायिकाओं को 6 हजारशासन के अनुसार वर्तमान में भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि तथा राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले अतिरिक्त मानदेय और प्रोत्साहन को मिलाकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 8,000 रुपये और सहायिकाओं को 4,000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।
नई वृद्धि लागू होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कुल मानदेय बढ़कर 12,000 रुपये प्रतिमाह और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का 6,000 रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। सितंबर 2026 से प्रभावी होगी वृद्धिमानदेय में की गई यह वृद्धि सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। बढ़ी हुई राशि का भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। शासन की ओर से कहा गया है कि भविष्य में इस व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के अधीन होगा।
बढ़ते कार्यदायित्व को देखते हुए लिया गया फैसलाप्रदेश सरकार ने यह निर्णय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के बढ़ते कार्यदायित्व को ध्यान में रखते हुए लिया है। ECCE और पोषण सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग, विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण और सरकारी योजनाओं के अपेक्षित परिणामों को जमीन पर लागू करने में उनकी भूमिका को भी इसका आधार बनाया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल से जुड़ी योजनाओं को समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार का कहना है कि मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और इन सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देशअपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने इस संबंध में निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर को पत्र जारी कर शासन के निर्णय के अनुरूप आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मानदेय वृद्धि के फैसले को प्रदेश में आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है
स्रोत: readnownews.in


