उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर गुरुवार को तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ सदन का माहौल गर्म हो गया।
सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उसे “महिला विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति खराब रही थी और उनकी सरकार ने इस दिशा में सुधार किया है।
इसके जवाब में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं के मुद्दों पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है और महिला सुरक्षा को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं।
विधानसभा परिसर में दोनों पक्षों के विधायकों ने महिला आरक्षण के समर्थन में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया, हालांकि इस दौरान एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी जारी रहे। सपा विधायकों ने 33% महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग उठाई और विधानसभा के बाहर भी प्रदर्शन किया।
दोनों दलों के बीच बहस के चलते सदन और परिसर में राजनीतिक तनाव का माहौल बना रहा।

