सेना के सिपाही से बने ‘सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे शख्स’ जानिए डॉ. दशरथ सिंह की कहानी

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**EDS: TO GO WITH STORY** In this image received on April 12, 2026, Chief of the Army Staff (COAS) General Upendra Dwivedi, right, felicitates Dashrath Singh Shekhawat. (Handout via PTI Photo)(PTI04_12_2026_000079B)

झुंझुनूं (राजस्थान) के रहने वाले डॉक्टर दशरथ सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनोखी मिसाल कायम की है। उनके पास अब तक 138 डिग्रियां, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट हैं, जिसके कारण उन्हें दुनिया के सबसे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले व्यक्तियों में गिना जाता है। हाल ही में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के 39वें दीक्षांत समारोह में उन्हें “वैदिक अध्ययन में परास्नातक” की डिग्री ‘विशिष्ट योग्यता’ के साथ प्रदान की गई, जो उनकी 138वीं डिग्री बनी।

डॉ. दशरथ सिंह ने तीन विषयों में पीएचडी, सात विषयों में स्नातक, 46 विषयों में स्नातकोत्तर, 23 डिप्लोमा और 52 प्रमाणपत्र हासिल किए हैं। उनका नाम कई विश्व रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज है और उन्हें “मोस्ट एजुकेशनली क्वालिफाइड पर्सन” भी माना जाता है।

1988 में भारतीय सेना की 9वीं राजपूत इन्फेंट्री बटालियन में सिपाही के रूप में भर्ती हुए दशरथ सिंह ने पंजाब, जम्मू-कश्मीर और असम जैसे कठिन इलाकों में भी सेवा दी। बाद में वे कारगिल युद्ध में भी शामिल रहे और 2004 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई कर एलएलबी और एलएलएम जैसी डिग्रियां हासिल कीं और वर्तमान में रक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।

एक साधारण किसान परिवार से निकलकर इतनी बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाले दशरथ सिंह का जीवन संघर्ष और मेहनत की प्रेरणादायक कहानी है।

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