राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। कांग्रेस की ओर से वंदे मातरम के पहले दो पद गाने की घोषणा के बाद बीजेपी की आपत्ति को लेकर सपा सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मुद्दे के जरिए देश और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है।
रामजीलाल सुमन ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर विवाद को देश के स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को एकजुट करने का काम किया और सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान किया।
सपा सांसद ने बीजेपी पर राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पार्टी का उद्देश्य समाज को जोड़ने के बजाय लोगों के बीच मतभेद पैदा करना है।
2027 में सपा सरकार बनने का दावा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर रामजीलाल सुमन ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
उन्होंने कहा कि सपा चुनाव में भूख, गरीबी, शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगी।
सरकारी स्कूलों में वीडियोग्राफी पर भी प्रतिक्रिया
सरकारी स्कूलों में फोटो और वीडियोग्राफी पर रोक लगाए जाने के मुद्दे पर भी सपा सांसद ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के आक्रोश से घबराकर इस तरह के फैसले ले रही है।
महाराष्ट्र के भाषा संबंधी फैसले पर सवाल
रामजीलाल सुमन ने महाराष्ट्र में कमर्शियल यात्री वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे देश की एकता और विविधता के खिलाफ बताया।
सपा सांसद ने कहा कि मुंबई के विकास में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों का योगदान रहा है। ऐसे में भाषा के आधार पर किसी वर्ग पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है।
कि इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वंदे मातरम विवाद को लेकर बीजेपी पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने बीजेपी नेताओं के वंदे मातरम को लेकर रुख पर सवाल उठाते हुए बयान दिया था।


