बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद की ओर से समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहकर निशाना साधे जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने आकाश आनंद के बयान पर पलटवार करते हुए उनकी राजनीतिक समझ और गंभीरता पर सवाल उठाए हैं।
सपा नेता फखरुल हसन ने कहा कि आकाश आनंद अभी गंभीर राजनीति नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल आकाश आनंद विपक्षी नेताओं के लिए कर रहे हैं, क्या वह इसी तरह सत्ता पक्ष के नेताओं के लिए भी बोल सकते हैं।
‘सत्ता पक्ष से सवाल करने में डरते हैं’
फखरुल हसन ने आरोप लगाया कि आकाश आनंद लगातार विपक्षी दलों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष से सवाल करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि शायद उन्हें डर है कि सत्ता से सवाल करने पर उनके खिलाफ फिर कोई कार्रवाई हो सकती है।
सपा नेता ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करना आसान राजनीति है, लेकिन गंभीर राजनीति के लिए मुद्दों और शब्दों की गंभीरता को समझना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आकाश आनंद अभी राजनीति सीखने के दौर में हैं।
‘राजनीति की ABCD भी नहीं जानते’
आकाश आनंद पर निशाना साधते हुए फखरुल हसन ने कहा कि समाजवादी पार्टी का मानना है कि वह अभी गंभीर राजनीति नहीं कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘उन्हें अभी राजनीति की ABCD सीखने में समय लगेगा।’
फखरुल हसन ने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों से समाजवादी पार्टी या कांग्रेस को कोई खास परेशानी नहीं है, लेकिन अगर आकाश आनंद गंभीर राजनीति कर रहे होते तो उन्हें मुद्दों और भाषा की गंभीरता का बेहतर अंदाजा होता।
हाथरस की रैली में आकाश आनंद ने क्या कहा था?
दरअसल, सोमवार को हाथरस के सादाबाद में आयोजित बसपा की चुनावी रैली में आकाश आनंद ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। अखिलेश यादव और राहुल गांधी की उम्र का जिक्र करते हुए उन्होंने उन्हें ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया।
आकाश आनंद ने कहा कि जब उनकी उम्र करीब 30 वर्ष है तो 50 वर्ष के व्यक्ति को वह ‘अंकल’ नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA के नारे और उसकी राजनीतिक व्याख्या पर भी सवाल उठाए।
आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि सपा राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार PDA की परिभाषा बदलती रहती है। उनके इसी बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी की ओर से तीखा पलटवार सामने आया है।
आकाश आनंद और सपा के बीच बयानबाजी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावी माहौल के बीच एक नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है।


