सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में कथित अवैध ढांचे को हटाए जाने के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि प्रशासन की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है।
‘आपत्ति है तो न्यायालय जाए सपा’- अनिल राजभर
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सहारनपुर में प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को इस कार्रवाई पर आपत्ति है तो उसे न्यायालय का रुख करना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए।
अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि केवल बयानों के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा लंबे समय से सत्ता से बाहर है और विपक्ष की राजनीतिक भूमिका को समझा जा सकता है, लेकिन ऐसे मुद्दों पर तथ्यात्मक और जिम्मेदार बयान दिए जाने चाहिए।
‘अवैध निर्माण को धार्मिक रंग देने की कोशिश’- भूपेंद्र चौधरी
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी इस मामले को धार्मिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर हुई है।
भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक, प्रशासन ने मनमाने तरीके से कार्रवाई नहीं की, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद मिले आदेश के आधार पर कदम उठाया। उन्होंने सपा पर वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध अतिक्रमण का बचाव करने का आरोप लगाया।
‘अखिलेश यादव गलत नैरेटिव बना रहे हैं’- बृजलाल
भाजपा के राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख इस मामले को लेकर गलत नैरेटिव पेश कर रहे हैं।
बृजलाल ने कहा कि संबंधित ढांचा सरकारी जमीन पर होने का मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत सामने आया था। उनके अनुसार, मामले की सुनवाई पहले सिटी मजिस्ट्रेट स्तर पर हुई और बाद में न्यायालय में भी इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद ही सरकारी जमीन पर बने ढांचे को हटाने की कार्रवाई की गई।
असीम अरुण ने उठाया जिलों के नाम बदलने का मुद्दा
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अखिलेश यादव के भगवान बुद्ध के प्रति कथित लगाव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते भगवान बुद्ध से जुड़े कुछ जिलों के नाम बदले गए थे।
उन्होंने महामाया नगर, पंचशील नगर और प्रबुद्ध नगर के नामों का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए इन नामों में बदलाव किया गया और अब विपक्ष को भगवान बुद्ध की याद आ रही है।
‘न्यायालय के आदेश का हुआ अनुपालन’- दिनेश सिंह
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित संबंधित निर्माण को लेकर प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया है। उन्होंने विपक्ष पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
दिनेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है और किसी को भी धार्मिक उन्माद या सामाजिक तनाव पैदा करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक और धार्मिक विवाद का रूप देने के बजाय मामले को कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
सहारनपुर के इस मामले को लेकर सपा और भाजपा के बीच जारी बयानबाजी ने प्रदेश की सियासत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब दोनों पक्ष अपने-अपने दावों और आरोपों के जरिए इस मुद्दे को जनता के सामने रख रहे हैं।


