योगी सरकार की बड़ी सौगात, 3.54 लाख रसोइयों को मिलेगा ₹3000 मासिक मानदेय

shikha verma
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प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 3.54 लाख रसोइयों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में रसोइयों के मानदेय में 1000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। अब उन्हें 2000 रुपये के बजाय 3000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। सरकार ने इस फैसले के साथ रसोइयों के सम्मान, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रसोइयों के सम्मान एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण समारोह में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों और रसोइयों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री ने विभागीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और रसोइयों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।

1.42 लाख स्कूलों में 1.46 करोड़ बच्चों को मिल रहा पौष्टिक भोजन

पीएम पोषण योजना के तहत प्रदेश के 1.42 लाख प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में 1.46 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन 100 ग्राम खाद्यान्न से करीब 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 150 ग्राम खाद्यान्न से 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराया जाता है।

फल, दूध और अतिरिक्त पोषण से समृद्ध हो रही बच्चों की थाली

बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से सप्ताह में एक दिन ताजे और मौसमी फल उपलब्ध कराए जाते हैं। बुधवार को प्राथमिक स्तर के बच्चों को 150 मिलीलीटर और उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को 200 मिलीलीटर दूध दिया जाता है।

इसके अलावा सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन के तहत चिक्की, गुड़, चना और रामदाना के लड्डू जैसी अतिरिक्त खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को यह अतिरिक्त पोषण सामग्री वितरित की गई।

दो बार बढ़ा मानदेय, अब फिर ₹1000 की वृद्धि

पीएम पोषण योजना में कार्यरत करीब 3.54 लाख रसोइयों में 93 प्रतिशत महिलाएं हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में रसोइयों के मानदेय में पहले भी दो बार वृद्धि की गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 500 रुपये और वर्ष 2022-23 में 500 रुपये की बढ़ोतरी के बाद मानदेय 2000 रुपये प्रतिमाह हुआ था।

अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसमें एक हजार रुपये की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इसके बाद रसोइयों को हर महीने 3000 रुपये मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही साल में एक बार दो ड्रेस के लिए 500 रुपये की राशि भी डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है।

किचन गार्डेन से भोजन में बढ़ रही पौष्टिकता

विद्यालयों में किचन गार्डेन विकसित कर बच्चों को प्रकृति और पोषण से जोड़ने की पहल की गई है। जिन विद्यालयों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, उन्हें किचन गार्डेन के लिए 5000 रुपये, जबकि स्थान की कमी वाले विद्यालयों को 2000 रुपये की सहायता दी गई है।

इन किचन गार्डेन में उगाई जाने वाली ताजी सब्जियों और फलों का इस्तेमाल बच्चों के भोजन में अतिरिक्त पोषण के लिए किया जाता है।

25 जिलों में 136 केंद्रीयकृत रसोईघर संचालित

प्रदेश के 25 जनपदों में 136 केंद्रीयकृत रसोईघर संचालित किए जा रहे हैं। अक्षयपात्र फाउंडेशन और 127 स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोग से करीब 10 लाख बच्चों तक गर्म और ताजा भोजन पहुंचाया जा रहा है।

वाराणसी में जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री द्वारा अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत किचन का उद्घाटन किया गया था, जबकि जून 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इसके केंद्रीयकृत किचन का शुभारंभ किया।

सोशल ऑडिट और आईवीआरएस से हो रही निगरानी

पीएम पोषण योजना में पारदर्शिता और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित सोशल ऑडिट कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2885 विद्यालयों में सोशल ऑडिट कराया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2838 विद्यालयों में सोशल ऑडिट कराने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना की निगरानी के लिए जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स गठित की गई है। इसके साथ ही आईवीआरएस आधारित दैनिक अनुश्रवण प्रणाली के माध्यम से भी योजना की नियमित निगरानी की जा रही है।

रसोइयों के सम्मान और सुरक्षा पर सरकार का जोर

प्रदेश सरकार का कहना है कि पीएम पोषण योजना को सफल बनाने में रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली इन महिला एवं पुरुष रसोइयों के मानदेय में वृद्धि के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कदम उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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