बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद गरमाया, गणेश गोदियाल ने उठाए सरकार पर सवाल

shikha verma
3 Min Read

उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता और चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पद से हटाने की मांग तेज कर दी है।

सोमवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर BKTC अध्यक्ष की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर मामले के बावजूद सरकार ने अब तक BKTC अध्यक्ष को पद से क्यों नहीं हटाया है।

सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद शुरू हुई जांच

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी का मामला सबसे पहले 3 जुलाई को भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने उठाया था। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से फैलने के बाद BKTC ने चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान मंदिर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें कथित अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद BKTC के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान की शिकायत पर बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

दो गिरफ्तारियां, SIT कर रही जांच

एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल कथित तौर पर फरार हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने न्यायालय का भी रुख किया, लेकिन पुलिस और एसआईटी की टीम ने तलाश के बाद उन्हें 12 जुलाई को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

वहीं, इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी 17 जुलाई को राजेंद्र चौहान की हुई। आरोप है कि उन्होंने भी चढ़ावे की राशि में हेराफेरी की। जांच के दौरान उनके पास से विदेशी मुद्रा मिलने की बात भी सामने आई है। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है और कई अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

BKTC अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष आमने-सामने

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला अब सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है। इस मुद्दे पर BKTC के मौजूदा अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के कार्यकाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

अब सभी की नजरें एसआईटी की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Share This Article
Leave a Comment