शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘PDA पाठशाला’ अभियान का आयोजन किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी ने शिक्षा के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।
इस अभियान को ‘पाठशाला पुकारे’ नाम दिया गया। पार्टी ने इसके लिए ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा’ का नारा दिया। सपा का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों को लेकर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।
75 जिलों में आयोजित हुई ‘PDA पाठशाला’
समाजवादी पार्टी के मुताबिक, शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने PDA पाठशाला का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में बच्चों की शिक्षा, सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा के अधिकार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
सपा ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। पार्टी ने इन्हीं दावों को आधार बनाते हुए बंद स्कूलों को दोबारा संचालित करने की मांग को अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया।
गोमती नगर की बस्ती में बच्चों को पढ़ाया
लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र की एक गरीब बस्ती में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने PDA पाठशाला लगाई। उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के साथ उन्हें स्कूली बैग और खाने-पीने की सामग्री भी वितरित की।
फखरुल हसन चांद ने कहा कि अब पार्टी का कोई न कोई कार्यकर्ता प्रतिदिन इस बस्ती में पहुंचकर करीब एक घंटे बच्चों को पढ़ाएगा। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है।
‘शिक्षा से बढ़ेगी सामाजिक जागरूकता’
सपा प्रवक्ता ने कहा कि ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान का उद्देश्य समाज में शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश देना है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से शोषित, वंचित और गरीब वर्गों में सामाजिक एवं राजनीतिक जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
समाजवादी पार्टी ने दावा किया कि शिक्षा भेदभाव को खत्म करने, समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। पार्टी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित PDA पाठशालाओं के जरिए इसी संदेश को प्रदेशभर में पहुंचाने की कोशिश की।
शिक्षा के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश
PDA पाठशाला अभियान के जरिए समाजवादी पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश की। पार्टी ने सरकारी स्कूलों की स्थिति, बच्चों की शिक्षा और वंचित वर्गों तक शिक्षा की पहुंच को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने का प्रयास किया।
सपा का कहना है कि जब तक गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध नहीं होगी, तब तक सामाजिक बराबरी और न्याय का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।


