अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक, धार्मिक समिति का पुनर्गठन और नए CEO पर मंथन

shikha verma
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को अयोध्या स्थित मणिरामदास छावनी में आयोजित की गई। लगभग तीन घंटे चली इस बैठक में मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक व्यवस्थाओं और ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में आगामी श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही ट्रस्ट में रिक्त पदों की नियुक्ति, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया गया।

चढ़ावे की गणना व्यवस्था की समीक्षा

ट्रस्ट ने चढ़ावे की गणना प्रक्रिया और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। न्यासियों ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों, जिनमें चढ़ावा गणना कक्ष भी शामिल है, की निगरानी संबंधित सुरक्षा अधिकारियों के लिए उपलब्ध है।

सोने और चांदी के चढ़ावे की मात्रा एवं शुद्धता की जांच के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से संबद्ध टकसाल (मिंट) के साथ चल रही व्यवस्था को जारी रखने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए समझौते (एमओयू) और उससे संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। ट्रस्ट की वित्त समिति को बैंक के साथ समन्वय और मानक संचालन प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर आवश्यक सुझाव देने का निर्देश दिया गया।

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि चढ़ावे की गणना से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। साथ ही, इस मामले से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं की स्थिति का भी संज्ञान लिया गया।

नए सीईओ के चयन पर विचार

राम मंदिर के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर गठित चयन समिति ने बताया कि इस पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। उपयुक्त उम्मीदवार के चयन के लिए समिति ने एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया।

मीडिया संवाद के लिए प्रवक्ता नियुक्त होगा

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ट्रस्ट और राम मंदिर से जुड़ी आधिकारिक जानकारी साझा करने के लिए एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा ट्रस्ट में रिक्त ट्रस्टी पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया में अभी कुछ और समय लग सकता है।

धार्मिक समिति का पुनर्गठन

मंदिर परिसर में पूजा-पद्धति की परंपरागत व्यवस्था और धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के उद्देश्य से धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया।

इस समिति की अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि करेंगे। समिति में विभिन्न धार्मिक परंपराओं और मठों से जुड़े संतों एवं महंतों को सदस्य बनाया गया है, ताकि मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पद्धति का संचालन परंपराओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

अगली बैठक सितंबर में

बैठक के बाद समिति के सदस्यों ने बताया कि दर्शन व्यवस्था और मंदिर प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों की निगरानी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं आगे भी जारी रहेंगी। ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें ट्रस्ट के रिक्त पदों और अन्य लंबित विषयों पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।

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