श्रावण मास के पहले सोमवार पर रामनगरी अयोध्या पूरी तरह शिव भक्ति में डूब गई। सरयू तट से लेकर प्रमुख शिवालयों तक श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ा। ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरी अयोध्या नगरी गूंज उठी। योगी सरकार की ओर से की गई व्यापक व्यवस्थाओं और जिला प्रशासन की सतर्कता के बीच लाखों भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
सुबह से ही कांवड़ियों और शिव भक्तों की कतारें सरयू घाटों और मंदिरों के बाहर दिखाई देने लगीं। श्रद्धालुओं ने सरयू में पवित्र स्नान के बाद विभिन्न शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित किया।
नागेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब
अयोध्या के ऐतिहासिक नागेश्वरनाथ मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। सावन के पहले सोमवार पर मंदिर में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया और भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मनोकामनाएं मांगीं।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भी श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल रहा। मंदिर के ईशान कोण में स्थित कुबेर टीला के शिव मंदिर में भगवान रुद्र का अभिषेक किया गया। वहीं रामलला के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हनुमान गढ़ी मंदिर में भी दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
इसके अलावा क्षीरेश्वरनाथ, पंचमुखी महादेव, झारखंडेश्वर महादेव और मऊ शिवाला समेत अन्य शिवालयों में भी सुबह से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
सुरक्षा व्यवस्था रही मजबूत
श्रावण मेले को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसएसपी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अनुशासन बनाए रखते हुए भगवान शिव के दर्शन करें। उन्होंने बताया कि पूरे सावन माह में सुरक्षा और सुविधा संबंधी व्यवस्थाएं लगातार जारी रहेंगी।
सरयू तट पर गूंजे भजन और आरती के स्वर
सावन के पहले सोमवार पर सरयू घाटों का नजारा भी भक्तिमय रहा। आरती, भजन और शिव आराधना से वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। श्रद्धालुओं ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और भगवान शिव की भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
कांवड़िए ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए शिवालयों की ओर बढ़ते नजर आए। कई श्रद्धालु पैदल कांवड़ लेकर अयोध्या पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।
विवादों से ऊपर रही श्रद्धा
राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। पहले सावन सोमवार पर रामलला के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं का कहना था कि आस्था किसी भी विवाद से प्रभावित नहीं होती।
सुल्तानपुर से आए श्रद्धालु रामप्रसाद ने कहा कि भगवान शिव और प्रभु श्रीराम एक ही परम शक्ति के स्वरूप हैं। सरयू स्नान के बाद नागेश्वरनाथ और रामलला के दर्शन से मन को शांति मिली।
लखनऊ से आईं सुनीता देवी ने बताया कि वह हर वर्ष सावन में अयोध्या आती हैं। इस बार पहला सोमवार विशेष अनुभव रहा। कुबेर टीला स्थित शिव मंदिर में अभिषेक और रामलला के दर्शन करना बेहद भावुक पल था।
श्रावण मेले को देखते हुए भारी वाहनों पर डायवर्जन
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए अयोध्या प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए विशेष यातायात डायवर्जन योजना लागू की है। ट्रक, डीसीएम और अन्य भारी वाहनों के आवागमन पर निर्धारित अवधि तक प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इससे छूट दी गई है।
प्रमुख डायवर्जन अवधि:
- 8 अगस्त सुबह 8 बजे से 11 अगस्त सुबह 8 बजे तक या भीड़ समाप्ति तक
- 15 अगस्त सुबह 8 बजे से 17 अगस्त रात 11 बजे तक या भीड़ समाप्ति तक
- 23 अगस्त सुबह 8 बजे से 24 अगस्त रात तक या भीड़ समाप्ति तक
- 27 अगस्त सुबह 8 बजे से 28 अगस्त रात 11 बजे तक या मेला समाप्ति तक
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।


