मेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हो रहे हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव है जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण (Unconditional Surrender) करे।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ईरान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौते का विकल्प नहीं है, जब तक वह पूरी तरह से सरेंडर नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को तबाही के कगार से निकालने के लिए काम करेगा और वहां एक ऐसे नेतृत्व का चयन होगा जो देश के लिए स्वीकार्य और बेहतर हो।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया में अमेरिका की भूमिका होनी चाहिए, ताकि देश को स्थिर और मजबूत नेतृत्व मिल सके।
ईरान का जवाब: शांति चाहते हैं, लेकिन सम्मान से समझौता नहीं
वहीं दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि ईरान क्षेत्र में स्थायी शांति का समर्थक है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कुछ देशों द्वारा मध्यस्थता की कोशिशें की जा रही हैं और ईरान शांति के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अपने देश की संप्रभुता, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करने में ईरान किसी भी तरह की हिचकिचाहट नहीं करेगा।
युद्ध का दायरा बढ़ने की आशंका
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस युद्ध का असर लगभग 14 देशों पर पड़ चुका है। हाल ही में हुए हमलों में ईरान, लेबनान और इजरायल में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि कुछ अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।
इसके अलावा समुद्री क्षेत्र में भी टकराव बढ़ गया है। खबरों के अनुसार हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया, जिसमें कई नौसैनिकों की जान चली गई।
इस बीच लेबनान में इजरायल द्वारा हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक होने की आशंका जताई जा रही है। युद्ध का असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ गई है।
