जयकारों से गुंजायमान हुआ प्रांगण
पायनियर समाचार सेवा। अल्मोड़ा। लोक आस्था, परंपरा और गढ़-कुमाऊं की सांस्कृतिक एकता के प्रतीक महापर्व ‘मां नंदा देवी लोकजात (बड़ी जात) यात्रा 2026’ में अल्मोड़ा की ऐतिहासिक सहभागिता की विधिवत शुरूआत हो गई है। आज, 12 सितंबर को सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा स्थित ऐतिहासिक मां नंदा देवी मंदिर में कुमाऊं के राजवंशीय ध्वज की मुख्य पुजारियों—प्रधान पुजारी तारादत्त जोशी, प्रमोद पाठक एवं शेखर मिश्रा द्वारा पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई
देव डांगरों के दिव्य आशीर्वाद, शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की भक्तिमय ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने मां नंदा के पवित्र ध्वज (छंतोली) को उनकी ससुराल कैलाश के लिए भावभरी विदाई दी। चंद वंशज राजा करन चन्द्र राज सिंह (के.सी. सिंह बाबा) तथा युवराज नरेंद्र चन्द्र राज सिंह के विशेष निदेर्शानुसार मां नंदा देवी मंदिर समिति के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल कुमाऊँ की ओर से लोकजात यात्रा में सहभागिता हेतु रवाना हुआ
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