यूपी में महंगी हुई बिजली, AIMIM ने सरकार को घेरते हुए उठाए कई सवाल

shikha verma
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उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। जून महीने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में फ्यूल सरचार्ज जोड़े जाने के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में AIMIM ने भी बिजली महंगी किए जाने के फैसले का विरोध किया है।

पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने में सफल नहीं रही है, लेकिन उपभोक्ताओं पर लगातार अतिरिक्त शुल्क लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में लोग अभी भी बिजली कटौती की समस्या का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बिजली बिल में वृद्धि आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बढ़ाने वाली है।

AIMIM प्रवक्ता ने दावा किया कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार को आम जनता, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल रही है और विभिन्न शुल्कों के जरिए लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

शादाब चौहान ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि जनता को बेहतर सुविधाएं देने के बजाय अतिरिक्त शुल्कों के माध्यम से आर्थिक दबाव बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में जून से बिजली उपभोक्ताओं को फ्यूल सरचार्ज के साथ बिल प्राप्त होंगे, जिसके बाद बिजली खर्च में वृद्धि होने की संभावना है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।

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