भोपाल में चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले सीबीआई ने उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की। इससे एक दिन पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी थी।
हाई कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, व्हाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयानों को देखते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई राहत उचित नहीं थी। अदालत ने यह भी कहा कि शरीर पर फांसी के अलावा कई चोटों के निशान पाए गए हैं, जिनकी पर्याप्त जांच ज़रूरी है।
33 वर्षीय त्विषा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में मिला था। उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और गर्भपात के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
परिवार का दावा है कि शादी के बाद से त्विषा परेशान थीं और वापस नोएडा लौटना चाहती थीं। व्हाट्सऐप चैट्स में उन्होंने अपनी मां को “घुटन” और “नरक जैसी ज़िंदगी” की बात लिखी थी।
मामले में पहले भोपाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने अपनी अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। त्विषा के पति समर्थ सिंह पहले ही पुलिस हिरासत में हैं।
त्विषा के परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला बताया है। वहीं गिरिबाला सिंह ने सार्वजनिक रूप से सभी आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि त्विषा मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। यह मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।


