युवाओं की आवाज़ या ऑनलाइन ट्रेंड? चर्चा में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

shikha verma
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) कैंपेन लगातार चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में इस कैंपेन से जुड़े एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के भारत में दिखाई न देने के दावे के बाद बहस और तेज़ हो गई।

कैंपेन से जुड़े अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पहले अकाउंट को हैक करने की कोशिश की गई और बाद में उसे भारत में ब्लॉक कर दिया गया। हालांकि कुछ घंटों बाद “Cockroach Is Back” नाम से नया अकाउंट शुरू किया गया, जिसने बेहद कम समय में बड़ी संख्या में फ़ॉलोअर्स जुटा लिए।

नेताओं और विश्लेषकों की प्रतिक्रियाएँ

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इस कैंपेन को युवाओं की निराशा और असंतोष की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में व्यंग्य, असहमति और आलोचना के लिए जगह होनी चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषक Yogendra Yadav ने कहा कि यह सिर्फ़ एक मीम नहीं बल्कि युवाओं के भीतर बढ़ती बेचैनी और व्यवस्था से निराशा का संकेत हो सकता है।

वहीं Mahua Moitra और Priyanka Chaturvedi जैसे विपक्षी नेताओं ने भी अकाउंट ब्लॉक होने पर सवाल उठाए और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा।

दूसरी ओर कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स का मानना है कि इस तरह के कैंपेन से विपक्षी वोट बंट सकते हैं, जिसका राजनीतिक फायदा बीजेपी को मिल सकता है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह पूरा विवाद जस्टिस सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ जिसमें कथित तौर पर युवाओं और सिस्टम की आलोचना को लेकर ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

कौन हैं अभिजीत दीपके?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कैंपेन के संस्थापक अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले बताए जाते हैं। उन्होंने पुणे से पढ़ाई की और कुछ समय तक आम आदमी पार्टी की कम्युनिकेशन टीम में काम किया। बाद में वे आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए। दीपके का कहना है कि यह कैंपेन युवाओं की आवाज़ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में शुरू किया गया है।

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