दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बिना गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाना है।
सरकार देगी लोन की गारंटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत लोन के लिए सरकार खुद गारंटी देगी, जिससे महिलाओं को आसानी से वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि राजधानी में महिलाओं के बनाए स्वदेशी उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में विशेष मंच भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा
इस पहल को केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और एक जिला एक उत्पाद से जोड़ा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
एसएचजी मेले में दिखी महिला शक्ति
हाल ही में रोहिणी में आयोजित दो दिवसीय ‘मेगा स्वयं सहायता समूह मेला-2026’ में करीब 24 स्वयं सहायता समूहों ने हिस्सा लिया।
इस मेले में हस्तशिल्प, खादी, क्रोशिया, घरेलू उत्पाद और खाद्य सामग्री जैसे कई स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की गई।
उद्देश्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य है कि:
- महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलें
- स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिले
- स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार मिले
- ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिले
यह योजना दिल्ली में महिला उद्यमिता को एक नई दिशा देने की कोशिश मानी जा रही है।


