देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो पिछले करीब 9 वर्षों से खुद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पर्सनल असिस्टेंट बताकर नेताओं से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक संगठित नेटवर्क के जरिए कई राज्यों में ठगी को अंजाम दिया। वह खुद सामने आने से बचता था और कॉल व संपर्क के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। वह खुद को ‘कनिष्क सिंह’ नाम का राहुल गांधी का निजी सहायक बताकर कांग्रेस नेताओं को विश्वास में लेता था और टिकट दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठता था।
आरोपी इंटरनेट के जरिए नेताओं की जानकारी जुटाता था और उन लोगों को निशाना बनाता था जो चुनाव में टिकट पाने के इच्छुक होते थे। इसके बाद वह फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क स्थापित करता और डील फाइनल कर अपने साथियों के माध्यम से पैसे वसूलता था। ये रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने 2017 में राजस्थान से इस ठगी की शुरुआत की थी और बाद में बिहार, दिल्ली, गुजरात सहित कई राज्यों में लोगों को निशाना बनाया। बिहार चुनाव के दौरान उसका मामला पहली बार सामने आया था, हालांकि वह उस समय बच निकलने में सफल रहा।
2025 में भी उसने कई राज्यों में ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से भारी रकम वसूली गई। इसी दौरान कुछ शिकायतों के आधार पर पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
मार्च 2026 में पंजाब में दर्ज एक शिकायत के बाद पुलिस ने जांच तेज की। इसके बाद आरोपी उत्तराखंड पहुंचा, जहां उसने एक महिला नेता से टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की। शक होने पर शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने जाल बिछाकर उसे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपने तीन साथियों के नाम भी उजागर किए हैं, जो इस गिरोह में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कुल कितनी रकम की ठगी की गई है।

