उत्तर प्रदेश के सीतापुर की प्राची निगम दो साल पहले 10वीं में यूपी बोर्ड टॉपर बनी थीं। लेकिन उस समय उनकी सफलता से ज्यादा चर्चा उनके लुक को लेकर हुई और उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
अब 12वीं का रिज़ल्ट आने के बाद एक बार फिर प्राची चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने 91.20% अंक हासिल किए हैं। हालांकि यह अच्छा स्कोर है, लेकिन वे टॉप-10 में जगह नहीं बना पाईं, जिसका उन्हें थोड़ा अफसोस है।
प्राची बताती हैं कि इस बार उन्हें पहले जैसी भीड़ या मीडिया का ध्यान नहीं मिला। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग अब भी उनकी पुरानी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं और भद्दे कमेंट कर रहे हैं।
ट्रोलिंग और इलाज का सफर
10वीं के बाद हुई ट्रोलिंग के दौरान ही उन्हें अपने चेहरे पर बालों की समस्या का एहसास हुआ, जिसे डॉक्टर ने हार्मोनल असंतुलन बताया। उन्होंने इलाज शुरू कराया, जिस पर अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
प्राची कहती हैं कि यह सिर्फ शारीरिक बदलाव नहीं बल्कि मानसिक रूप से खुद को संभालने की प्रक्रिया भी थी।
सोशल मीडिया से दूरी
प्राची अब सोशल मीडिया से दूर रहना पसंद करती हैं। उनका कहना है कि लोग सिर्फ व्यूज के लिए पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं और निजी जीवन की परवाह नहीं करते।
वे मीडिया के रवैये से भी नाराज़ हैं। उनका मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय लोग सनसनीखेज चीजों को प्राथमिकता देते हैं।
ट्रोलिंग पर उनका नजरिया
प्राची कहती हैं कि उन्होंने ट्रोलिंग को खुद पर हावी नहीं होने दिया, लेकिन वे मानती हैं कि हर कोई ऐसा नहीं कर पाता। उनके अनुसार, ट्रोलिंग कई लोगों को मानसिक रूप से तोड़ सकती है।
आगे की योजना
अपने भविष्य को लेकर अब वे ज्यादा खुलकर बात नहीं करना चाहतीं। पहले उन्होंने इंजीनियर बनने का लक्ष्य बताया था, लेकिन अब वे कहती हैं कि सपने बदल सकते हैं। फिलहाल उनका लक्ष्य एक अच्छी नौकरी पाना और जीवन को संतुलित तरीके से जीना है।
परिवार का साथ
प्राची के माता-पिता उनके अंकों से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि हर बार टॉप करना जरूरी नहीं होता। वे यह भी मानते हैं कि पहले जो मीडिया का ध्यान मिला, उसका कारण उनकी बेटी की उपलब्धि से ज्यादा उसकी अलग पहचान थी।

