राजस्थान सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब सातवें वेतन आयोग के तहत डीए और डीआर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
यह निर्णय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद लिया गया है और 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य के लगभग 7.02 लाख कर्मचारियों और 5.44 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा पंचायत समितियों और जिला परिषदों के कर्मचारी भी इस संशोधित दर के दायरे में आएंगे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मई 2026 के वेतन के साथ नकद रूप में दिया जाएगा, जिसका भुगतान जून में किया जाएगा। वहीं 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 तक की अवधि का बकाया कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) खातों में जमा किया जाएगा। पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई महंगाई राहत का भुगतान नकद रूप में किया जाएगा।
इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 1,156 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा। इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और बढ़ती महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

