राजस्थान के अजमेर स्थित NEET परीक्षा केंद्र पर बुर्का पहनकर पहुंची एक छात्रा को प्रवेश न दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है।
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह घटना छात्रा के मौलिक अधिकारों और शिक्षा के अवसरों से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर छात्रा को ड्रेस कोड के कारण रोका गया, जबकि नियमों के अनुसार धार्मिक परिधान पहनने वालों के लिए पहचान जांच के बाद परीक्षा देने की अनुमति दी जाती है।
चौहान ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाली छात्रा पहले भी इसी परीक्षा प्रक्रिया में भाग ले चुकी थी और इस बार भी सभी औपचारिकताओं के साथ केंद्र पर पहुंची थी। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच हो और संबंधित छात्रा को दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं छात्रों, विशेषकर छात्राओं के लिए बाधा उत्पन्न करती हैं और इसे लेकर संबंधित संस्थानों को स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। फिलहाल इस मामले पर परीक्षा प्रशासन या राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


