भारतीय फिल्में अक्सर ऑस्कर में पश्चिमी सिनेमा की तुलना में कम अवसर पाती हैं। फिर भी कुछ ऐसी फिल्मों और गीतों ने ऑस्कर में इतिहास रच दिया है। 98वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह का आयोजन भारत में 16 मार्च को होने जा रहा है। इस साल भारत की आधिकारिक एंट्री ‘होमबाउंड’ थी, जिसे सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में नामांकित किया गया, लेकिन यह पुरस्कार जीतने में सफल नहीं रही।
ऑस्कर जीतने वाली प्रमुख भारतीय फिल्में
- द एलिफेंट व्हिस्परर्स (2023)
तमिल डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म ने 95वें ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार जीता। फिल्म एक दंपति की कहानी बताती है जो अनाथ हाथी की देखभाल करते हैं। - आरआरआर – ‘नाटू नाटू’ (2023)
एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म आरआरआर का यह गीत ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का पुरस्कार जीतने वाला पहला भारतीय गीत बना। - पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस (2018)
गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म ने 91वें ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार जीता। यह फिल्म ग्रामीण भारत में मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता पर आधारित है। - स्माइल पिंकी (2008)
ग्रामीण भारत की युवती की कहानी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म, जिसने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का ऑस्कर जीता। - स्लमडॉग मिलियनेयर (2008)
ब्रिटिश प्रोडक्शन होने के बावजूद भारतीय कलाकारों की वजह से सफलता मिली। एआर रहमान ने सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत और सर्वश्रेष्ठ मूल गीत, जबकि रेसुल पुकुट्टी को सर्वश्रेष्ठ साउंड मिक्सिंग का ऑस्कर मिला। - गांधी (1982)
भानु अथैया ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, जिन्होंने सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिज़ाइन का पुरस्कार हासिल किया।
भारतीय फिल्में और अंतर्राष्ट्रीय फीचर श्रेणी
भारत ने अभी तक सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म का ऑस्कर नहीं जीता। लेकिन मदर इंडिया (1957), सलाम बॉम्बे! (1988), और लगान (2001) जैसी फिल्मों ने इस श्रेणी में नामांकन पाया।
