अयोध्या में भव्य हिंदू नव वर्ष, रामकोट परिक्रमा की तैयारियां शुरू

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अयोध्या में इस साल हिंदू नव वर्ष का पहला दिन विशेष भव्यता और आध्यात्मिक माहौल में मनाया जाएगा। पूरे शहर में नव संवत्सर के स्वागत को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों, गलियों और मुख्य मार्गों को सजाया जा रहा है, और श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

18 मार्च को नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर संत-महंत और श्रद्धालु रामकोट परिक्रमा में शामिल होंगे। इस परिक्रमा में रामलला सहित 108 मंदिरों की यात्रा पूरी की जाएगी। यह परंपरा पिछले 21 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। संत समाज के अनुसार, परिक्रमा का उद्देश्य भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाना है।

परिक्रमा शुरू होने से पहले श्रद्धालु गजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे भक्ति भाव से रामकोट की ओर निकलेंगे और मार्ग में स्थित सभी मंदिरों में दर्शन और प्रार्थना करेंगे। परिक्रमा के दौरान भक्त भगवान श्रीराम से देश, समाज और सनातन धर्म की उन्नति के लिए प्रार्थना करेंगे।

शाम के समय रामनगरी में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान धार्मिक भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित होंगी। संत और श्रद्धालु मिलकर भक्ति रस में लीन होंगे और नए वर्ष की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा के साथ करेंगे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी मंदिरों, घरों और सार्वजनिक स्थानों में धर्म ध्वज फहराने और दीप जलाने की अपील की है। ट्रस्ट का कहना है कि इससे न केवल नगर का वातावरण भक्तिमय होगा, बल्कि यह नव वर्ष के स्वागत का प्रतीक भी बनेगा।

अयोध्या का यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्तिमय माहौल और भव्य परिक्रमा के कारण यह दिन नगरवासियों और श्रद्धालुओं के लिए हमेशा यादगार बन जाता है।

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