सीतापुर के Naimisharanya में चल रही गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान, ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने गौ माता की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि अब गौ माता की रक्षा केवल संतों और धार्मिक संगठनों की जिम्मेदारी नहीं रही—यह पूरी जनता और समाज का सामूहिक कर्तव्य बन चुका है।
शंकराचार्य ने कहा,
“इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता की रक्षा करना है। अब जनता भी इस मुद्दे पर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। अब यह केवल संतों की जिम्मेदारी नहीं रही, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बन चुकी है।”
उन्होंने इस दौरान राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। शंकराचार्य ने कहा कि कई दल धार्मिक विचारों का समर्थन न करने पर “नकली” शंकराचार्य खड़े कर देते हैं, जिससे शंकराचार्यों की गरिमा और समाज में उनके संदेश को ठेस पहुंचती है।
यात्रा का उद्देश्य न केवल गौ माता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि आम जनता में जागरूकता फैलाना भी है। शंकराचार्य ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है जब हर नागरिक को गौ माता की सुरक्षा और संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पवित्र जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और समाज में नैतिक और धार्मिक मूल्यों को बनाए रखने में योगदान दें।
गौ माता की रक्षा और धर्मयुद्ध यात्रा को लेकर यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और लोगों के बीच इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। शंकराचार्य के अनुसार, यह जागरूकता अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो दिखाती है कि जनता अब पूरी तरह अपने कर्तव्यों और धार्मिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग हो चुकी है।
