बरेली में इस वर्ष होली और रमज़ान का समय एक साथ पड़ने के मद्देनज़र मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने देशवासियों से शांति, संयम और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि रमज़ान शरीफ़ का महीना सब्र और सहनशीलता का संदेश देता है। कुरान शरीफ़ में भी सब्र करने वालों के साथ अल्लाह की मदद होने की बात कही गई है। साथ ही, हदीस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अच्छा मुसलमान वही है जिसके हाथ, ज़ुबान और व्यवहार से किसी को तकलीफ़ न पहुंचे।
मौलाना ने खास तौर पर मुस्लिम समुदाय से अपील की कि होली के दिन अनावश्यक रूप से 3–4 घंटों तक सड़कों और गलियों में निकलने से परहेज़ करें। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो पूरी एहतियात बरतें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा या नासमझ व्यक्ति रंग डाल दे तो विवाद करने के बजाय शांति से घर जाकर उसे धो लें। ऐसे रंगों से कपड़े नापाक नहीं होते, इसलिए इसे मुद्दा न बनाया जाए।
साथ ही उन्होंने हिंदू समुदाय से भी आग्रह किया कि रोज़ेदार मुसलमानों और हिजाब पहने महिलाओं पर रंग न डालें तथा अपने बच्चों को भी यही समझाएं। रमज़ान के पाक महीने का सम्मान करना आपसी भाईचारे की मिसाल होगा।
मौलाना ने आगे कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। यदि कोई विवाद हो तो तुरंत प्रशासन या बड़ों को सूचित करें। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि दोनों समुदाय एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करें और शरारती तत्वों से सतर्क रहते हुए हर हाल में अमन और शांति कायम रखें।
