राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से ‘यूपी डायलॉग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘उत्तर प्रदेश का एक दशक’ रखी गई। इसमें 100 से अधिक युवा वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में पिछले एक दशक में हुए बदलाव, आर्थिक विकास और भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। युवाओं ने वक्ताओं से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे। साथ ही उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।
आर्थिक विकास और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर चर्चा
प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति में हुए बदलावों पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की जीडीपी में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश के निर्यात में बढ़ोतरी और अन्य आर्थिक संकेतकों में सुधार का भी उल्लेख किया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को भी प्रदेश के बुनियादी ढांचे में बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उनके मुताबिक, जहां पहले प्रदेश में सीमित संख्या में एक्सप्रेसवे थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 10 हो गई है।
‘प्रति व्यक्ति आय 52 हजार से बढ़कर 1.20 लाख रुपये’
पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में आए बदलावों पर बात की। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर लगभग 1.20 लाख रुपये हो गई है।
उन्होंने प्रदेश के राजस्व की स्थिति में सुधार का भी जिक्र किया और कहा कि उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। सिंह ने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक योजनाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है।
जनजातीय समाज और युवाओं के लिए योजनाओं पर चर्चा
कार्यक्रम में जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कार्यों और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा हुई। शशांक शेखर सिंह ने दावा किया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने की दिशा में काम किया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दिए जाने का भी उल्लेख किया।
‘प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी जरूरी’
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास के अगले चरण में ले जाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। युवाओं से प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और विकास संबंधी नीतियों को समझने तथा रचनात्मक सुझाव देने की अपील की गई।
‘यूपी डायलॉग’ के दौरान युवाओं और विशेषज्ञों के बीच सवाल-जवाब का दौर भी हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के पिछले एक दशक के विकास पर संवाद स्थापित करने के साथ-साथ भविष्य की विकास योजनाओं में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करना रहा।


