महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, अधिकारों और सामाजिक भूमिका को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से योगी सरकार की पहल को शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से नई गति मिल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ‘नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और नारी सशक्तीकरण, राजनीतिक सहभागिता तथा महिलाओं से जुड़े संवैधानिक अधिकारों पर अपने विचार निबंध के माध्यम से व्यक्त किए।
छात्राओं को मिला समसामयिक मुद्दों पर विचार रखने का मंच
प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को महिलाओं से जुड़े संवैधानिक अधिकारों, राजनीति में उनकी भागीदारी और नारी वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें इन मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी राय व्यक्त करने के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा।
छात्राओं ने निबंधों के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के सामने मौजूद चुनौतियों, अवसरों और बदलती सामाजिक परिस्थितियों पर अपने विचार साझा किए। प्रतियोगिता में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
भाषा, लेखन और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने की पहल
उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान की ओर से महाविद्यालय के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम भाषा और लेखन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
निबंध प्रतियोगिता के जरिए छात्राओं को न केवल अपने विचारों को प्रभावी ढंग से शब्दों में व्यक्त करने का अवसर मिला, बल्कि महिलाओं की राजनीतिक भूमिका जैसे महत्वपूर्ण और समसामयिक विषय पर गंभीरता से चिंतन करने का भी मौका मिला।
1 सितंबर को विजेताओं को पुरस्कार, सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र
भाषा विभाग के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र 1 सितंबर को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को नारी सशक्तीकरण और राजनीतिक सहभागिता जैसे विषयों पर अपनी आवाज रखने का अवसर मिला, जिससे उनमें सामाजिक और लोकतांत्रिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।


