शामली के अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने पलटवार किया है। नेताओं ने अखिलेश यादव के आरोपों को राजनीतिक नैरेटिव करार देते हुए कहा कि योगी सरकार अपराधियों की जाति नहीं देखती, बल्कि अपराध के आधार पर कार्रवाई करती है।
‘विपक्ष सिर्फ आरोपों की राजनीति कर रहा’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष, खासकर अखिलेश यादव, लगातार आरोपों की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख जातीय राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं और अब उन्हें किसी भी संस्था की कार्रवाई पर भरोसा नहीं रह गया है।
‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है और उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी मामले में आरोपी की पहचान, जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते हैं। सरकार की प्राथमिकता पीड़ित को न्याय दिलाना और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न होने देना है।
‘अखिलेश सरकार में नहीं था कानून का राज’
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगते थे। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि आज भी पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था वही है, लेकिन कार्यशैली में बदलाव आया है। उनके मुताबिक, प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
‘अपराधियों को सजा मिलने पर सवाल क्यों?’
भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यदि गंभीर अपराध करने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है तो उस पर सवाल उठाने के बजाय मामले की जांच और कार्रवाई को देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अंकित बालियान की हत्या गंभीर और जघन्य अपराध था। पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाने से पहले पूरे घटनाक्रम को देखना जरूरी है।
बृजलाल ने अखिलेश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा के राज्यसभा सांसद और पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के आरोपों को ‘फर्जी नैरेटिव’ बताया। उन्होंने पिछली सपा सरकार पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में मुकदमे वापस लेने की कोशिश का आरोप लगाया।
बृजलाल ने कहा कि एसटीएफ और एटीएस जैसी जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय उनके काम और उपलब्धियों को भी देखा जाना चाहिए।


