विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को लखनऊ में विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मौन पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा जीपीओ स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से लोक भवन तक आयोजित की जाएगी।
पदयात्रा का उद्देश्य वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन, हिंसा और अपार पीड़ा झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देना और उनकी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
विस्थापित परिवार साझा करेंगे विभाजन की पीड़ा
कार्यक्रम के तहत लोक भवन प्रेक्षागृह में विभाजन से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्य अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके जरिए विभाजन के दौरान लोगों ने किन परिस्थितियों का सामना किया, इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। इन माध्यमों से विभाजन के दौर की घटनाओं, संघर्ष और विस्थापित परिवारों की पीड़ा को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग होंगे शामिल
मौन पदयात्रा और स्मृति दिवस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा और ब्रजलाल सहित कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी है।
लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य, विधायक और भाजपा के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा पंजाबी, सिख, सिंधी और बंगाली समाज के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
नई पीढ़ी को विभाजन की त्रासदी से परिचित कराने पर जोर
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान प्रभावित हुए लोगों की स्मृतियों को संजोने और उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ में आयोजित होने वाली मौन पदयात्रा और इसके बाद होने वाले कार्यक्रम में विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों की कहानियों को प्रमुखता से सामने लाया जाएगा।


