यूपी के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों में सैदनगर नंबर-1, जुलाई रैंकिंग में हासिल की पहली पायदान

shikha verma
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उत्तर प्रदेश के 108 आकांक्षात्मक विकासखंडों की जुलाई 2026 की रैंकिंग में रामपुर जिले के सैदनगर विकासखंड ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सैदनगर को 70.03 अंक मिले हैं। वहीं प्रयागराज का बहरिया विकासखंड 69.70 अंक के साथ दूसरे और संभल का असमौली 68.82 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

आकांक्षात्मक विकासखंड कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके तहत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, सामाजिक विकास और आधारभूत अवसंरचना जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में विकासखंडों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाता है।

50 इंडीकेटर्स के आधार पर होती है रैंकिंग

आकांक्षात्मक विकासखंडों का मूल्यांकन पांच थीम के कुल 50 इंडीकेटर्स के आधार पर किया जाता है। इनमें स्वास्थ्य एवं पोषण को 30 प्रतिशत, शिक्षा को 30 प्रतिशत, कृषि एवं संबद्ध सेवाओं को 20 प्रतिशत, आधारभूत अवसंरचना को 15 प्रतिशत और सामाजिक विकास को 5 प्रतिशत भारांक दिया गया है।

जुलाई की रैंकिंग में सैदनगर ने इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 70.03 अंक हासिल किए।

स्वास्थ्य और पोषण में सैदनगर का बेहतर प्रदर्शन

स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में सैदनगर विकासखंड ने कई महत्वपूर्ण मानकों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। यहां एनक्यूएएस प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रतिशत 81.58 दर्ज किया गया।

गर्भवती महिलाओं की चार या उससे अधिक प्रसवपूर्व जांच का प्रदर्शन 104.65 प्रतिशत रहा, जबकि बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का स्तर करीब 100 प्रतिशत दर्ज किया गया।

आईसीडीएस के तहत नियमित रूप से पूरक पोषण लेने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत 75.87 रहा। छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों में यह उपलब्धि 67.14 प्रतिशत रही।

विकासखंड के सभी 238 संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यशील शौचालय और पेयजल सुविधा उपलब्ध होने के कारण इन दोनों मानकों में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।

शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन

सैदनगर ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों में लड़कों की दर 91.26 प्रतिशत और लड़कियों की दर 91.65 प्रतिशत रही।

माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक पहुंचने वाले लड़कों की दर 85.08 प्रतिशत और लड़कियों की दर 91.29 प्रतिशत दर्ज की गई।

विकासखंड के सभी स्कूलों में छात्राओं के लिए पर्याप्त शौचालय और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों से जुड़े इंडीकेटर्स में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज हुई।

वहीं, कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं का प्रतिशत 68.13 रहा।

कृषि और पशुपालन में भी उपलब्धियां

कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के क्षेत्र में भी सैदनगर ने कई मानकों पर अच्छा प्रदर्शन किया। एफपीओ गठन का प्रतिशत 133.33 और मृदा स्वास्थ्य कार्ड निर्माण की उपलब्धि 340.09 प्रतिशत दर्ज की गई।

पशुपालन के क्षेत्र में खुरपका-मुंहपका यानी एफएमडी वैक्सीनेशन का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूरा किया गया। इस दौरान 44,150 पशुओं का टीकाकरण दर्ज हुआ।

बुनियादी सुविधाओं में भी आगे रहा सैदनगर

आधारभूत अवसंरचना के क्षेत्र में भी सैदनगर का प्रदर्शन बेहतर रहा। विकासखंड के 94.93 प्रतिशत घरों में कार्यशील नल-जल कनेक्शन दर्ज किए गए।

सभी गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किए जाने का इंडीकेटर 100 प्रतिशत रहा। वहीं, भारतनेट से जुड़े ग्राम पंचायतों का प्रतिशत 81.93 और लाइव भारतनेट कनेक्शन वाले ग्राम पंचायतों का प्रतिशत 54.41 रहा।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्धारित संचयी लक्ष्य के मुकाबले आवास निर्माण की उपलब्धि भी 100 प्रतिशत दर्ज की गई।

विकासखंडों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर जोर

सैदनगर की यह उपलब्धि बताती है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में योजनाओं की प्रभावी निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन से आकांक्षात्मक क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सरकार की ओर से इन विकासखंडों की प्रगति की नियमित समीक्षा और रैंकिंग के जरिए पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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