प्रयागराज में अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को उचित सम्मान दिलाने और एसआरएन अस्पताल परिसर से जुड़ी उनकी ऐतिहासिक विरासत को सामने लाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरने के नौवें दिन बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर पहुंचे और शहीद ठाकुर रोशन सिंह के योगदान को याद किया।
धरने को चिकित्सकों का भी समर्थन मिला। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों ने धरना स्थल पर पहुंचकर ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके जीवन, संघर्ष और देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदान को याद किया गया। तिरंगा यात्रा के माध्यम से चिकित्सकों और नई पीढ़ी को भी उनके ऐतिहासिक योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि वर्तमान एसआरएन अस्पताल परिसर का संबंध ऐतिहासिक मलाका जेल से रहा है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए एसआरएन अस्पताल का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किए जाने की मांग उठाई जा रही है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि शहीद ठाकुर रोशन सिंह का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा और उनकी स्मृति को प्रयागराज में स्थायी पहचान मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से अस्पताल के नामकरण की मांग को लेकर लगातार जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।
नाम परिवर्तन की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। धरना स्थल पर स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों की मौजूदगी ने आंदोलन को समर्थन दिया। आयोजकों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
इस अभियान के जरिए मांग उठाई जा रही है कि प्रयागराज की ऐतिहासिक विरासत और शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


