स्वतंत्रता दिवस से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सोमवार को गोरखपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने ‘राष्ट्र प्रथम’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ देशभक्ति का संदेश दिया।
यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन कर उनके योगदान और बलिदान को नमन किया। इसके बाद उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
‘स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की गाथा है तिरंगा’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का तिरंगा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमिट गाथा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के विभिन्न स्वरूपों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग दौर में ध्वज ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा देने का काम किया। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन और बाद के दौर में चरखे वाले ध्वज का भी जिक्र किया। आजादी के बाद चक्र के साथ वर्तमान स्वरूप के राष्ट्रध्वज को स्वीकार किया गया।
‘हर नागरिक को राष्ट्रध्वज से जोड़ा गया’
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए लोगों को राष्ट्रध्वज से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि 2022 में शुरू हुआ यह अभियान लगातार व्यापक जनभागीदारी का रूप ले रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा भी इसी अभियान का हिस्सा है और इसका उद्देश्य लोगों में राष्ट्र प्रथम की भावना को मजबूत करना है।
क्रांतिकारियों के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई क्रांतिकारियों और ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने मंगल पांडेय, बंधु सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और धनसिंह कोतवाल के योगदान को याद किया।
उन्होंने गोरखपुर के चौरीचौरा कांड और लखनऊ के काकोरी ट्रेन एक्शन का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक क्रांतिकारियों ने अपना जीवन बलिदान किया और उनकी स्मृतियों को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है।
‘क्रांतिकारियों को मिलना चाहिए सम्मान’
सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को वह सम्मान मिलना चाहिए जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुष और क्रांतिकारी युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश के उन वीरों के बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च त्याग किया।
5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भागीदारी करें।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी, व्यावसायिक और व्यापारिक संस्थानों के भवनों पर भी तिरंगा फहराया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि तिरंगा, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
तिरंगा यात्रा में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, सरवन निषाद और प्रदीप शुक्ल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी और महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता समेत पार्टी के कई पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


