योगी सरकार का बड़ा कदम, स्कूलों में छात्रों से संवाद करेंगे IAS-IPS-IFS अधिकारी

shikha verma
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उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों को करियर और भविष्य से जुड़े बेहतर अवसरों की जानकारी देने के लिए नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना है। अधिकारियों के अनुभव और जीवन संघर्ष विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेंगे।

अधिकारियों के अनुभव से विद्यार्थियों को मिलेगा मार्गदर्शन

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित अनुश्रवण के निर्देश दिए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के साथ मंडलायुक्तों को भी कार्यक्रम की समय-समय पर समीक्षा करने को कहा गया है।

वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षकों को संबंधित विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि अधिकारियों के विद्यालय भ्रमण और विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम सुचारु रूप से आयोजित किए जा सकें।

भाषण नहीं, संवाद और सवाल-जवाब पर रहेगा जोर

सरकार के निर्देशों के अनुसार इन कार्यक्रमों में औपचारिक भाषण के बजाय सहभागितापूर्ण चर्चा और प्रश्नोत्तर को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थी अधिकारियों से सीधे अपने करियर, पढ़ाई और भविष्य से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

संवाद के दौरान लक्ष्य निर्धारण, करियर प्लानिंग, प्रभावी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और आत्मानुशासन जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। अधिकारियों के व्यक्तिगत अनुभव विद्यार्थियों को चुनौतियों से निपटने और अपने लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करेंगे।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर मिलेगा मार्गदर्शन

विद्यार्थियों को UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही उच्च शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता तथा स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की युवाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी संवाद कार्यक्रमों का हिस्सा होगी।

साइबर सुरक्षा से लेकर तनाव प्रबंधन तक चर्चा

सरकार ने कार्यक्रम का दायरा केवल पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखा है। विद्यार्थियों के व्यक्तिगत और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए वित्तीय कौशल, संचार कौशल, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे विषयों पर भी संवाद किया जाएगा।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ बदलती परिस्थितियों और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है।

हर जिले में बनेगा मासिक कार्यक्रम कैलेंडर

निर्देशों के मुताबिक जिलाधिकारी प्रत्येक महीने कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें।

हर महीने आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्ट अगली माह की 5 तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, भ्रमण करने वाले अधिकारी, संवाद के प्रमुख विषय, कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों और उनसे मिले सुझावों जैसी जानकारी शामिल की जाएगी।

जिलाधिकारियों को कार्यक्रमों की गुणवत्ता की समीक्षा करने और स्थानीय स्तर पर नए प्रयोग करने की भी जिम्मेदारी दी गई है।

विद्यार्थियों में बढ़ेगा आत्मविश्वास

सरकार का मानना है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों को समझने और अपने लक्ष्य तय करने में मदद करेगा। अधिकारियों के अनुभवों से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी को लेकर व्यावहारिक जानकारी भी मिल सकेगी।

नियमित संवाद के जरिए विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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