डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में सामाजिक भेदभाव और असमानता मौजूद है, तब तक आरक्षण की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।
डॉ. निर्मल ने आरक्षण के राजनीतिकरण को लेकर समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और इसको लेकर समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया।
प्रोन्नति में आरक्षण को लेकर सपा पर निशाना
डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 16(4ए) के तहत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रोन्नति में आरक्षण का प्रावधान है। इसके बावजूद, उनके आरोप के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ने संसद में आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक का विरोध किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रोन्नति में आरक्षण के खिलाफ सभाएं और आंदोलन आयोजित किए गए।
ठेकेदारी में आरक्षण खत्म करने का लगाया आरोप
डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली तत्कालीन प्रदेश सरकार ने दलितों के लिए ठेकेदारी में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त कर दी थी। उनके मुताबिक, इससे दलित वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक असमानता को दूर करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। जब तक समाज में भेदभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक आरक्षण की आवश्यकता बनी रहेगी।
डॉ. निर्मल ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


