उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए राज्य की 13 प्रतिभाशाली महिलाओं का चयन किया है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली इन महिलाओं को 8 अगस्त को आयोजित होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
हरिद्वार बाईपास स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami चयनित महिलाओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसी अवसर पर राज्य की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
2006 से दिया जा रहा है तीलू रौतेली पुरस्कार
वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर हर वर्ष यह पुरस्कार खेल, समाज सेवा, संस्कृति, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं और किशोरियों को दिया जाता है।
महिला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2006 में की गई थी।
217 आवेदनों में से हुआ चयन
इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेशभर से कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन समिति ने सभी आवेदनों का मूल्यांकन करने के बाद 13 महिलाओं का चयन किया।
जिलों के अनुसार अल्मोड़ा से 21, बागेश्वर से 8, चमोली और चंपावत से 12-12, देहरादून से 23, हरिद्वार से 22, नैनीताल से 29, पौड़ी गढ़वाल से 8, पिथौरागढ़ से 13, रुद्रप्रयाग से 11, टिहरी गढ़वाल से 13, ऊधमसिंह नगर से 11 और उत्तरकाशी से 24 आवेदन प्राप्त हुए थे।
इन महिलाओं को मिलेगा सम्मान
- श्वेता बधानी (उत्तरकाशी) – सामाजिक क्षेत्र में योगदान
- पुष्पा फर्त्याल (अल्मोड़ा) – संस्कृति एवं कला
- दया दानू (बागेश्वर) – समाज सेवा
- नंदा सती (चमोली) – संगीत क्षेत्र
- ऋतिका बगोली (चंपावत) – पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा
- नीतू रानी (देहरादून) – शिक्षा एवं बहादुरी
- वैशाली शर्मा (हरिद्वार) – समाज सेवा
- लतिका (नैनीताल) – खेल क्षेत्र में उपलब्धि
- प्रियंका पंत थपलियाल (पौड़ी गढ़वाल) – खेल, समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण
- कलावती देवी (पिथौरागढ़) – सामाजिक कार्य
- दुर्गा देवी (रुद्रप्रयाग) – समाज सेवा
- सरिता कोठियाल (टिहरी गढ़वाल) – सामाजिक क्षेत्र
- पुष्पा देवी (ऊधमसिंह नगर) – दिव्यांग खेल क्षेत्र
35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिलेगा सम्मान
राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए भी प्रदेशभर से 220 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 35 उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को चयनित कर सम्मानित किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई प्रेरणा
संस्कृति विभाग के अनुसार, तीलू रौतेली पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों को समाज के सामने लाने का माध्यम है, जिन्होंने अपने कार्यों से नई मिसाल कायम की है।
सरकार का उद्देश्य ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित कर उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण को और मजबूत बनाना है।


