महिला पहलवानों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह एक बार फिर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने राहत जताते हुए कहा कि जिस दिन उन पर आरोप लगे थे, उसी दिन उन्होंने अपनी बेगुनाही का दावा किया था और अब न्यायालय के फैसले से उनकी बात साबित हुई है।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ीं चर्चाएं
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला पहलवानों से जुड़े विवाद के बाद भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। हालांकि, पार्टी ने उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने चुनाव में जीत दर्ज की।
अब कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके समर्थकों के बीच एक बार फिर सक्रिय राजनीति में लौटने की उम्मीदों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
लोकसभा चुनाव लड़ने का कर चुके हैं दावा
बृजभूषण शरण सिंह ने इससे पहले सार्वजनिक मंच से वर्ष 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे और चुनाव लड़ने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि वह भाजपा की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और पार्टी से टिकट मिलने की उम्मीद रखते हैं। हालांकि, टिकट नहीं मिलने की स्थिति में भी चुनाव लड़ने की बात उन्होंने कही थी।
कैसरगंज क्षेत्र में प्रभाव
बृजभूषण शरण सिंह का कैसरगंज और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़ और समर्थकों के आधार के कारण उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
फिलहाल, कोर्ट के फैसले के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव में उनकी भागीदारी को लेकर अंतिम फैसला आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।


