कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और अयोध्या से समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी की मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय दूसरे विषयों को आगे ला रही है। उन्होंने राम जन्मभूमि से जुड़े दान और चढ़ावे के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।
‘सरकार से जनता निराश है’
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार से जनता में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में दान और जमीन से संबंधित विषयों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा आस्था और विश्वास के साथ दिए गए दान, चढ़ावे और अन्य वस्तुओं को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।
FIR को लेकर सरकार से पूछे सवाल
डिंपल यादव ने सवाल उठाया कि अगर किसी मामले में अनियमितता के आरोप हैं तो अब तक कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं और किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम के लिए दिए गए दान और चढ़ावे से जुड़े मामलों में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से जांच और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े एक विवाद को लेकर बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद भी मौजूद थे।
संत समाज और कुछ धार्मिक संगठनों ने इस प्रदर्शन पर आपत्ति जताई और इसे सनातन धर्म की भावनाओं से जोड़ते हुए विरोध किया। इसके बाद वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


