श्रावण मास में जारी कांवड़ यात्रा में इस बार महिला शिवभक्तों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। भगवान शिव की आराधना के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रही हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रयागराज में संगम और गंगा के प्रमुख घाटों पर महिला कांवड़ियों के लिए चेंजिंग रूम, सहायता केंद्र और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाटों से लेकर कांवड़ मार्ग तक महिला पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, ताकि महिला श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता, घाटों पर तैनात महिला पुलिस बल
प्रशासन के अनुसार, संगम नगरी प्रयागराज में दशाश्वमेध घाट और संगम घाट से बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त गंगाजल लेकर काशी और अन्य धार्मिक स्थलों के लिए रवाना हो रही हैं।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं। इसके साथ ही घाटों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़ी 44 आपदा सखियां भी महिला कांवड़ियों की सहायता के लिए घाटों और प्रमुख मार्गों पर तैनात हैं। प्रयागराज से वाराणसी तक बनाए गए कांवड़ मार्ग पर भी महिला पुलिसकर्मी और वॉलिंटियर्स लगातार श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं।
शहर के प्रमुख शिव मंदिरों जैसे मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिरों में भी महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
नारी शक्ति ने उठाई कांवड़, आस्था के साथ आगे बढ़ रही महिलाएं
श्रावण मास में अब महिलाओं की भागीदारी केवल शिवालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि कांवड़ यात्रा में भी बड़ी संख्या में नारी शक्ति नजर आ रही है। गांवों और छोटे कस्बों से महिलाएं समूह बनाकर कांवड़ यात्रा में शामिल हो रही हैं।
प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से गंगाजल लेकर काशी के लिए रवाना हुईं ज्योति ने बताया कि अब यात्रा मार्गों पर महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिल रहा है। इसी कारण उनके क्षेत्र से कई महिलाएं इस बार कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं।
सदियापुर निवासी मीरा देवी अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ प्रयागराज से बैजनाथ धाम की यात्रा पर निकली हैं। उन्होंने बताया कि इस बार उनके साथ परिवार की तीन पीढ़ियां यात्रा में शामिल हैं, जिसमें उनकी बेटियां, बहुएं और नातिनें भी शामिल हैं।
मीरा देवी ने कहा कि कांवड़ मार्गों पर अब श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं दिखाई देती हैं। जगह-जगह विश्राम शिविर, भंडारे और सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जिससे महिला श्रद्धालु उत्साह और भक्ति के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रही हैं।
सुरक्षित माहौल में जारी है महिला शिवभक्तों की यात्रा
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और सुविधाओं से जुड़े सभी इंतजाम किए गए हैं। महिला शिवभक्तों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए विशेष निगरानी और सहायता व्यवस्था लगातार जारी है।


