मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में 7 लाख से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश गुजरात के बाद देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जहां 7 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए गए हैं।
यूपीनेडा, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल), सभी डिस्कॉम, बैंकिंग संस्थानों, जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है। जुलाई 2026 तक राज्य में 11,58,183 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 7,03,661 से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों से 2371.14 मेगावाट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित हुई है।
सरकार की सरल ऑनलाइन प्रक्रिया, पारदर्शी मॉनिटरिंग व्यवस्था, आकर्षक सब्सिडी और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण योजना को तेजी मिली है। उत्तर प्रदेश अब देश के तेजी से बढ़ते रूफटॉप सोलर बाजारों में शामिल हो गया है और स्वच्छ ऊर्जा निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
12 हजार एकड़ भूमि की बचत, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
रूफटॉप सोलर मॉडल से प्रदेश को कई स्तरों पर लाभ मिल रहा है। यदि 2371.14 मेगावाट क्षमता को पारंपरिक ग्राउंड माउंटेड सोलर पार्क के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो लगभग 12 हजार एकड़ भूमि की आवश्यकता होती। रूफटॉप सोलर के कारण यह भूमि कृषि, आवास और अन्य विकास कार्यों के लिए सुरक्षित रह सकी है।
प्रदेश में स्थापित सोलर संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 1.07 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे लाखों परिवारों की घरेलू ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं और बिजली खर्च में कमी आ रही है। अनुमान के अनुसार, इन संयंत्रों से प्रतिवर्ष लगभग 389 करोड़ यूनिट स्वच्छ विद्युत उत्पादन होगा।
कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित विकास को बढ़ावा
रूफटॉप सोलर संयंत्रों के कारण प्रतिवर्ष लगभग 32 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है। यह पर्यावरण संरक्षण और भारत के नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में उत्तर प्रदेश के योगदान को मजबूत करता है। सौर ऊर्जा से होने वाला पर्यावरणीय लाभ लगभग 14.5 करोड़ परिपक्व वृक्षों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित कार्बन के बराबर माना जा रहा है।
हरित रोजगार और उद्यमिता को मिली नई गति
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने प्रदेश में हरित रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए यूपीनेडा के माध्यम से 7,000 से अधिक कंपनियां पंजीकृत हैं। इनके जरिए तकनीशियन, इंजीनियर, इलेक्ट्रिशियन, इंस्टॉलेशन टीम, गुणवत्ता निरीक्षक और अन्य क्षेत्रों में 85,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।
इसके अलावा सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, विद्युत उपकरण, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। इससे प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप और स्थानीय उद्योगों को भी मजबूती मिल रही है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्थापना प्रक्रिया को और सरल बनाने, निवेश को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा उद्योग को मजबूत करने पर लगातार काम किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश अब केवल सौर ऊर्जा क्षमता के विस्तार में ही नहीं, बल्कि नीति, डिजिटल पारदर्शिता, निवेश, रोजगार और जनभागीदारी के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को नई गति दे रहा है।


