मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। सरकार किसानों को फसल की आवश्यकता के अनुसार समय पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से उर्वरकों का भंडारण न करें।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी 18 मंडलों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। जहां भी तकनीकी या वितरण संबंधी समस्या सामने आए, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और किसानों के शोषण के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष किसानों के लिए अधिक मात्रा में उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो, जिससे खरीफ फसलों की खेती प्रभावित न हो।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 27 जुलाई तक खरीफ सीजन 2026 में प्रदेश में कुल 28.25 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जबकि 29.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टॉक होने के कारण किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
आंकड़ों के अनुसार, अब तक 20.47 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.96 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.43 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 2.15 लाख मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) तथा 0.24 लाख मीट्रिक टन म्यूरिएट ऑफ पोटाश (एमओपी) का वितरण किया जा चुका है। वहीं प्रदेश में 14.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.81 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.90 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.46 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी का स्टॉक उपलब्ध है। ये आंकड़े 1 अप्रैल से 27 जुलाई तक की अवधि के हैं।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यदि किसी किसान को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वह अपने जनपद या मंडल के कृषि अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। विभाग को सभी जिलों में वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंडलवार उपलब्धता के अनुसार कानपुर मंडल में 1.43 लाख मीट्रिक टन, लखनऊ में 1.38 लाख मीट्रिक टन, बरेली में 1.17 लाख मीट्रिक टन, प्रयागराज में 1.11 लाख मीट्रिक टन और वाराणसी में 1.09 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसके अलावा अन्य सभी मंडलों में भी किसानों की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है।
प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।


