प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को सुनना जरूरी है और सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा मौजूदा हालात को लेकर नाराज हैं। उन्होंने कहा, “कहीं न कहीं नौजवानों में नाराजगी है, जिसे अब तक नजरअंदाज किया गया है। प्रधानमंत्री ने युवाओं को महत्वपूर्ण बताया है, यह अच्छी बात है। अब उनकी चिंताओं पर बातचीत होनी चाहिए।”
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को केवल संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों से सीधे संवाद नहीं किया जाएगा, उनकी समस्याओं को पूरी तरह समझना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
NEET और पेपर लीक पर सरकार से कार्रवाई की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही है। इस पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि छात्रों की चिंताओं को समझना भी जरूरी है।
अनंतनाग बुलडोजर कार्रवाई पर भी बोले उमर अब्दुल्ला
अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद हुई बुलडोजर कार्रवाई पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी कार्रवाई में नियमों का पालन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अतीत में भी ऐसे हालात सामने आए हैं, जहां जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय लोगों की भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि केवल तोड़फोड़ या बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों से हालात बेहतर नहीं होंगे।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति के लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है। उनके मुताबिक, लोगों को साथ लेकर ही किसी भी चुनौती का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।


