उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में वाराणसी में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन आयोजित किए गए। काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों में भी इन सम्मेलनों के जरिए कार्यकर्ताओं से संवाद किया गया। वाराणसी की कैंट, उत्तरी और दक्षिणी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में बूथ कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बूथ मजबूत करने पर बीजेपी का फोकस
वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सम्मेलन में सभी 353 बूथ अध्यक्षों की भागीदारी रही। बैठक में कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यकर्ताओं को “बूथ जीतो, चुनाव जीतो” के मंत्र के साथ संगठन को मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
काशी में शहरी वोटरों पर नजर
बीजेपी ने वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र में बूथ प्रबंधन को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा की। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ें।
सम्मेलन के दौरान विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने बूथ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया और चुनावी तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
कार्यकर्ताओं को दिया गया चुनावी संदेश
कार्यक्रम में मंत्री धर्मपाल सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और नए मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि चुनाव में बूथ स्तर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और कार्यकर्ताओं को इसी आधार पर रणनीति बनाकर काम करना होगा।
2027 चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव को देखते हुए बीजेपी के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बीजेपी का दावा है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में दोबारा सरकार बनाएगी, जबकि विपक्षी दल भी अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।


