दिल्ली में किसानों की महापंचायत के बीच किसान नेताओं ने दावा किया है कि सरकार ने उनकी दो प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम राणा ने उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बातचीत कराने का आश्वासन दिया है।
पंधेर के मुताबिक, किसान नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा भी सरकार के सामने रखा गया था। उन्होंने बताया कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित गिरफ्तार किए गए अन्य किसान नेताओं की रिहाई की मांग को भी स्वीकार कर लिया गया है।
किसान नेता ने कहा कि अब वे अपने साथियों के साथ चर्चा करेंगे और इसके बाद आंदोलन की आगे की रणनीति और अगले कदम को लेकर फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में किसान 21 जुलाई को दिल्ली में भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में रैली करने पहुंचे थे। इस प्रदर्शन में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के किसानों के शामिल होने की बात कही गई थी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का किसान क्यों कर रहे विरोध?
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौते के तहत अगर कृषि उत्पादों के आयात को बढ़ावा दिया जाता है तो इससे किसानों, खेतिहर मजदूरों, पशुपालकों और छोटे व्यापारियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता केवल कृषि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, सरकारी खरीद और सेवा क्षेत्र जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।
कई किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से इस समझौते पर पुनर्विचार करने और किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की नजर किसान नेताओं की आगामी बैठक और आंदोलन की अगली दिशा पर है।


