मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान विपक्षी दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने हनुमानगढ़ी से जुड़े एक पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि “हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किया गया था।” इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या को सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान दिलाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद अयोध्या में व्यापक विकास कार्य हुए हैं और शहर को नई पहचान मिली है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सड़क, घाटों के विकास और अन्य आधारभूत परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इन परियोजनाओं का विरोध किया गया था, जबकि आज अयोध्या देश के प्रमुख शहरों से हवाई संपर्क के माध्यम से जुड़ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने सभी बाधाओं के बावजूद मंदिर निर्माण का कार्य पूरा कराया। उन्होंने विपक्ष पर मंदिर निर्माण में रुकावट डालने और रामभक्तों की भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
इसके अलावा उन्होंने निषादराज गुह के नाम पर बने रैन बसेरे, श्रृंगवेरपुर में स्थापित प्रतिमा, सूरजकुंड के पुनरुद्धार, गुप्तार घाट और नए घाट के विकास सहित विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या का समग्र विकास उनकी सरकार की प्राथमिकता रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹432 करोड़ से अधिक लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अयोध्या का तेजी से विकास संभव हुआ है।


