उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हर्रैया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए और अपनी सरकार के विकास कार्यों का जिक्र किया।
सीएम योगी ने कहा कि पहले बस्ती जैसे क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाने को मजबूर थे, क्योंकि बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं होती थी। उन्होंने सैफई महोत्सव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय विकास का लाभ कुछ खास क्षेत्रों तक सीमित था।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में अपराध और दंगों की स्थिति बनी रहती थी, जबकि वर्तमान सरकार में कानून का शासन स्थापित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि आज अपराधियों में पुलिस और कानून का डर है।
विकास कार्यों का किया जिक्र
हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने स्थानीय विधायक अजय सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सड़क, बिजली, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान धार्मिक स्थलों और विकास योजनाओं की अनदेखी हुई, जबकि उनकी सरकार ने प्रदेश में मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण का काम किया है।
राम मंदिर और धार्मिक मुद्दों पर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मंदिर निर्माण का विरोध किया था और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में बाधाएं खड़ी की थीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों, गरीबों और जरूरतमंदों के लिए योजनाएं चला रही है और विकास को प्राथमिकता दे रही है।
विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए जनता को सही प्रतिनिधियों का चुनाव करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसकी राजनीति विकास के बजाय व्यवस्था को कमजोर करने पर केंद्रित रही है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


