छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का रविवार को रायपुर स्थित AIIMS में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से राज्य सहित पूरे देश की सांस्कृतिक दुनिया में शोक की लहर है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजन बाई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और रायपुर AIIMS पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना और प्रतिभा के माध्यम से पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाई और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया।
पंडवानी को दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज और प्रभावशाली प्रस्तुति शैली से पंडवानी को केवल एक लोककला नहीं रहने दिया, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने महाभारत के प्रसंगों को कथात्मक शैली में प्रस्तुत कर इस कला को नई ऊंचाई दी।
लंबी बीमारी के बाद निधन
जानकारी के अनुसार, तीजन बाई का लंबे समय से रायपुर AIIMS में इलाज चल रहा था। उन्होंने रविवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे अंतिम सांस ली। वे छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की रहने वाली थीं।
सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति
उनके निधन को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। राज्य के कई जनप्रतिनिधियों और कलाकारों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।


