अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचे श्रद्धालुओं और विभिन्न बेस कैंपों में पहले से मौजूद यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण और तय स्लॉट के किसी भी यात्री को पवित्र गुफा की यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा पर रोक
प्रशासन ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा केवल उन्हीं श्रद्धालुओं के लिए मान्य होगी, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया है। बिना पंजीकरण पहुंचे यात्रियों को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि किसी भी यात्री को उसकी निर्धारित तारीख से पहले यात्रा करने की इजाजत नहीं मिलेगी।
दैनिक यात्री सीमा तय
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग पर रोजाना यात्रियों की संख्या सीमित रखी गई है।
- पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर प्रतिदिन अधिकतम 10,000 श्रद्धालुओं की सीमा तय की गई है।
- इस सीमा का पालन सुरक्षा और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए जरूरी बताया गया है।
एडवांस रजिस्ट्रेशन पर जोर
प्रशासन ने बताया कि यात्रा से पहले देशभर में बैंक शाखाओं और ऑनलाइन माध्यमों से एडवांस रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। अधिकांश श्रद्धालुओं ने पहले ही पंजीकरण करा लिया है, जबकि ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के स्लॉट सीमित हैं।
इसी वजह से बेस कैंपों में भारी भीड़ और लंबा इंतजार देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल रजिस्टर्ड और निर्धारित तारीख के अनुसार ही यात्रा पर आएं।
यात्रा अवधि और व्यवस्था
अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी, जो 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से यात्रा का अवसर दिया जाएगा, लेकिन केवल नियमों और क्षमता के अनुसार ही अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन की अपील
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, अनावश्यक भीड़ से बचें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।


