गांव पहुंचने पर चिराग पासवान ने सबसे पहले भरत तिवारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने परिवार से घटना की जानकारी ली और कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण किया था, तो उसे कानून के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में पुलिस या प्रशासन को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों से निष्पक्ष और संवैधानिक आचरण की अपेक्षा की जाती है। यदि किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से भी चर्चा की है और राज्य सरकार के समक्ष भी परिवार की मांगों को रखेंगे। उनके अनुसार, पीड़ित परिवार जिस स्तर की जांच चाहता है, उस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।
चिराग पासवान ने पूर्व एसडीपीओ राजेश शर्मा की नई पोस्टिंग पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हों, उनके संबंध में जांच पूरी होने तक उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, ताकि गलत संदेश न जाए।
उन्होंने अंत में कहा कि कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।


