जयपुर में चल रही पैरामेडिकल परीक्षाओं के दौरान नकल कराने की बड़ी साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। खोरा बीसल थाना पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कुछ छात्रों से पैसे लेकर परीक्षा में अनुचित तरीके से पास कराने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि 29 जून से शुरू हुई परीक्षा के लिए प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस दौरान झुंझुनूं स्थित एस. करन कॉलेज के पैरामेडिकल विभाग के एचओडी कृष्ण कुमार सैनी और लेक्चरर शंकर लाल जाट ने कॉलेज संचालकों के साथ मिलकर लगभग 40 से 45 छात्रों को फायदा पहुंचाने की साजिश रची।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा में अनुकूल वीक्षकों (इनविजिलेटर्स) की ड्यूटी लगवाकर नकल कराने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए करीब साढ़े पांच लाख रुपये का सौदा हुआ था, जबकि हर छात्र से तीन पेपरों के बदले 18,500 रुपये वसूले गए थे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कृष्ण कुमार सैनी, शंकर लाल जाट, प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल और देवकृष्ण मंडीवाल को गिरफ्तार किया है। इनके पास से मोबाइल फोन और डायरियां बरामद हुई हैं, जिनमें छात्रों के नाम, भुगतान का हिसाब और एडमिट कार्ड की कॉपी जैसे महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। अच्छी बात यह रही कि समय रहते कार्रवाई होने से परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी नहीं हो सकी।


