हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने शिमला के पूर्व एसपी और वर्तमान DIG संजीव गांधी को सरकारी आवास समय पर खाली न करने के मामले में नोटिस जारी किया है। विभाग ने उन पर मार्च से मई 2026 की अवधि के लिए 1.80 लाख रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज लगाया है।
कितना लगाया गया जुर्माना?
नोटिस के अनुसार, सरकारी आवास के उपयोग के लिए 18 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से कुल ₹1,80,286 का डैमेज चार्ज निर्धारित किया गया है। यह आवास लगभग 3568.88 वर्ग फुट क्षेत्रफल का बताया जा रहा है।
विभाग के निर्देश
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित राशि को तुरंत जमा कराया जाए। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं किया जाता है तो यह राशि अधिकारी के वेतन से वसूली जा सकती है।
इसके अलावा, जून 2026 से आवास खाली न करने की स्थिति में प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना लगाने का भी प्रावधान रखा गया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि सरकारी आवास तुरंत खाली कर उसका कब्जा शिमला पुलिस अधीक्षक को सौंपा जाए।
आदेश की अवहेलना करने पर हिमाचल प्रदेश पब्लिक प्रिमाइसेज एंड लैंड (इविक्शन एंड रेंट रिकवरी) एक्ट, 1971 के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
DIG संजीव गांधी का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए DIG संजीव गांधी ने कहा कि उन्हें इस तरह का कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इसे उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया और कहा कि वह इस मामले को कानूनी रूप से चुनौती देंगे।
मामला क्या है?
संजीव गांधी को पहले शिमला के एसपी रहते हुए यह सरकारी आवास आवंटित किया गया था। बाद में जनवरी 2026 में उनकी पदोन्नति होकर वह DIG बने, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने आवास खाली नहीं किया। इसी कारण विभाग ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।


